how-is-cadbury-chocolate-made-in-factoryhow-is-cadbury-chocolate-made-in-factory

 How Is Cadbury Chocolate Made in Factory|क्या DAIRY MILK में सुअर होता है?

 

दोस्तों क्या आप जानते है की कौन सी Cadbury Chocolate है जो ज्यादातर लोगों को ही पसंद है। आखिर इसे बनाया कैसे जाता है? इसे मार्केट में लाने से पहले क्यों टेस्ट किया जाता है? क्या हम सच में झूठी Cadbury Chocolate खाते? इस चॉकलेट को बनाने में किन किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है? क्या वाकई इसमें चर्बी या कीड़े मिलाए जाते हैं? आखिर इस Cadbury Chocolate का नाम क्या है? अगर आप भी इन्हीं सारे सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो चलिए फिर कंटेंट को शुरू करते हैं।

how-is-cadbury-chocolate-made-in-factory
Choco bars with crumbs top view on a dark background

आज हम जिस Cadbury Chocolate की बात करने वाले हैं उसका नाम है डेयरी मिल्क। जी हां वही जो वैलेंटाइन पर लड़को की बात बना देती है और लड़कियां इस Cadbury Chocolate को देखकर तुरंत ही हां बोल लेती हैं। ये एक ऐसी Cadbury Chocolateहै जिसे देखकर हर किड्स का मन ललचा जाता है। कैडबरी कंपनी ने भी पहली बार मार्किट में Cadbury Chocolate बेचना शुरू किया था। इस कंपनी के फाउंडर थे जॉन कैडबरी। और देखते ही देखते यह Cadbury Chocolate इतनी पसंद की गई कि बस हर किसी को इसका चस्का लग गया। चलिए सबसे पहले जानते हैं कि इसको फैक्ट्री में कैसे तैयार किया जाता है।

किसी भी Cadbury Chocolate को बनाने के लिए कोको बीन्स की जरूरत होती है और डेयरी मिल्क Cadbury Chocolate को तैयार करने के लिए आयरलैंड से खास कोको बीन्स आती है। जिसके बाद वॉकर्स इन्हें अच्छे से साफ करते हैं और फिर इन्हें सूखने के लिए धूप में रख दिया जाता है। जब ये पूरी तरह से सूख जाते हैं तो इनकी सफाई के लिए इन्हें फैक्ट्री में भेज दिया जाता है।

जहां 2 से 3 बार इन्हें अलग अलग मशीनों से साफ किया जाता है। इन कोको में बहुत ज्यादा कूड़ा कचरा होता है। इसलिए तीन बार साफ करने के बावजूद भी इनमें कीड़े वगैरह रह जाते हैं। अगर आपको यकीन ना हो तो आप डीए की। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा बताया गया है कि कोको 125 ग्राम Cadbury Chocolateमें करीब 60 से 70 कीड़े मकोड़े मिलाए जाते हैं।

 

इसके अलावा आपको जानकर हैरानी होगी कि इन Cadbury Chocolate को बनाने में कुछ कम्पनीज चूहों के मल भी शामिल कर देती है और ये मल बाजार में बिकने वाले जेली में भी मिलाया जाता है। Cadbury Chocolate बनाने के लिए कोको बींस को रोस्ट किया जाता है। रोस्टिंग करने से कोको का स्वाद और टेस्ट और भी बढ़ जाता है और इसमें चार चाँद लग जाते हैं। इसके बाद इन कोको को बड़ी मशीन में डालाजाता है। जब ये प्रोसेस पूरा हो जाता है तो इनमें से कुछ कोको बीन्स को अलग कर। लिया जाता है और इन्हें बटर बनाने के लिए आगे भेज देते हैं।

अब जो फैक्ट्री में आधा बचा कोको होता है उसमें दूध और चीनी मिलाई जाती है। इन इंग्रीडिएंट्स को भी मशीन की मदद से अच्छे से मिलाया जाता है और जब इसमें मिल्क और शुगर मिलता है तो यह एक पेस्ट की तरह बहुत गाढ़ा हो जाता है और फिर इस पेस्ट को वैक्यूम ओवन में डाल दिया जाता है जिससे इसका दोबारा पाउडर बनाया जा सके।

आप भी सोच रहे हैं ना कि पहले पाउडर से पेस्ट और फिर दोबारा पाउडर बनाया गया। जी हां, यह मैथड कैडबरी अपनी Cadbury Chocolate में इस्तेमाल करता है जिससे कैडबरी का टेस्ट और ज्यादा बढ़ जाता है और यही वजह है कि कैडबरी Cadbury Chocolate का टेस्ट दूसरी चॉकलेट के मुकाबले कई गुना बेहतर होता है। प्रोसेस को ऐसे ही तीन बार दोहराया जाता है और फिर जाकर ये पूरी तरह से तैयार होता है।

अब जो कोको बटर बनाने के लिए अलग किए गए थे, उन्हें प्रोसेस में लाया जाता है। इन कोको को बड़ी सी मिक्सी में कुछ खास इंग्रेडिएंट्स के साथ मैश किया जाता है। और जब ये अच्छे से मिल जाती है तो इसे मशीनों से बाहर निकालकर ट्रे वगैरह में रखा जाता है। फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। आपको बता दें कि जब इन्हें फ्रिज में स्टोर करते हैं तो इन्हें हल्का सा मुंह भी किया जाता है।

जिससे सांचे में यह पेस्ट अच्छे से फिट हो जाए और परफेक्ट शेप आए। थोड़ी देर बाद जब ये लिक्विड से एकदम सॉलिड हो जाता है तो इन Cadbury Chocolate को बाहरलाया जाता है। और इन्हें एक दूसरी Cadbury Chocolate लिक्विड में डुबोया जाता है। जिससे ये Cadbury Chocolate जल्दी से मेल्ट ना हो और बाहर रखने पर भी इसकी शेप कुछ देर ही सही लेकिन ठीक रहे बराबर रहे। इस तरह ये कैडबरी Cadbury Chocolate बनकर तैयार हो जाती है। अब मार्केट में जाने से पहले इन्हें एक और प्रोसेस से गुजारा जाता है और वो है चेकिंग। जी हां, फैक्ट्री में सेंसर लगा होता है जो इन सभी Cadbury Chocolate के वजन को चेक करता है। कि कहीं ये कम या ज्यादा तो नहीं है और अगर कहीं गड़बड़ होती है तो उस Cadbury Chocolateको अलग हटा दिया जाता है। और बाकी की आगे भेज दी जाती है और फिर इनकी पैकिंग होती है और ये मार्केट में पहुंच जाता।

चलिए अब यह तो जान गए कि कैडबरी की चॉकलेट कैसे बनाई जाती है। लेकिन अब यह जानते हैं कि आखिर इसको बनाने का आइडिया किसको आया और कैसे यह सब की आदत बन गई। लेकिन इसके बारे में जानने से पहले अगर आपने अभी तक हमारी साइट को नोट नहीं किया तो जल्दी से कंटेंट को नोट कीजिए।

पहले के समय में यूके में शराब का बहुत ज्यादा प्रचलन हुआ करता था। चाहे बच्चा हो या बड़ा हर किसी को शराब पीना बेहद पसंद था। जब जॉन कैडबरी ने यहां के हालात देखे तो वह बहुत ज्यादा हैरान हुए। वह यह सोच रहे थे कि यहां लोग इतनी शराब आखिर पीते ही क्यों हैं? तो बस चल पड़े इस सवाल का जवाब लेने।

एक शख्स के पास पहुंचे तो उसने बताया कि वह टेस्ट के लिए पीता है। इस पर जॉन ने कहा कि अगर कोई ऐसा लिक्विड हो जिसका टेस्ट शराब से भी अच्छा हो तो क्या लोग उसे पीना पसंद करेंगे? उस आदमी ने कहा, ज़रूर क्यों नहीं पिएंगे? यह सुनकर जॉन कैडबरी ने एक टेस्टी मजेदार लिक्विड तैयार किया और यह ड्रिंक चॉकलेट लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आई और धीरे धीरे लोग शराब के नशे से छूटकर चॉकलेट ड्रिंक के आदी हो गए। और इनकी चॉकलेट ड्रिंक देखते ही देखते काफी फेमस हो गए।

लेकिन अभी तक चॉकलेट सॉलिड रूप में नहीं थी। इसके बाद साल 1897 में एक दिन यह चॉकलेट ड्रिंक बहुत सारा बच गया तो जॉन ने सोचा कि यह कहीं खराब न हो जाए इसलिए उन्होंने इसे क्रेट में रख दिया और फ्रिज में जमने के लिए रख दिया और तभी से यह चॉकलेट इस शेप में आना शुरू हो गई। यह चॉकलेट लोगों को पसंद आई।

साथ ही क्वीन विक्टोरिया भी इसकी शौकीन हो गई। इसलिए उन्होंने कैडबरी के लिए एक रॉयल कॉन्ट्रैक्ट दिया और रॉयल परिवार के लिए चॉकलेट बनकर तैयार की जाने लगी। जब से आज तक यह कांट्रेक्ट कैडबरी के हिस्से में है। आपको बता दें कि जब कैडबरी चॉकलेट मार्केट में आई तो इसके पैकेट कारण पर्पल रखा गया था। और क्वीन विक्टोरिया को भी पेश करने के लिए पर्पल रंग के रैपर का इस्तेमाल किया गया था। क्योंकि क्वीन विक्टोरिया को पर्पल कलर बहुत ज्यादा पसंद था।

इसलिए जॉन ने इन्हें खुश करने के लिए चॉकलेट को पर्पल रंग के पैकेट में अच्छे से पैक किया जो कि आज तक किसी भी चॉकलेट को नहीं किया गया था। इस कलर को एक रॉयल कलर माना जाता है और इसे सिर्फ बड़े बड़े अमीर लोग ही खरीदते हैं। उस समय पर्पल कलर को बहुत ही रॉयल माना जाता था। यही वजह है कि आज भी कैडबरी पैकेट का रंग पर्पल ही है।अब आपको चॉकलेट की शुरुआत के बारे में तो बहुत सारी जानकारी मिल गई।

How is Cadbury chocolate manufactured?

Cadbury chocolate is manufactured through a precisely controlled process that involves several crucial way

Cocoa Bean Harvesting The process begins with the harvesting of cocoa sap, which are the primary raw material for chocolate product. These sap are primarily grown in tropical regions like West Africa, South America, and Southeast Asia.

turmoil The gathered cocoa sap are removed from their capsules and left to raise in rustic boxes or baskets. This process is essential for developing the sap’ flavor.

Drying After turmoil, the cocoa sap are spread out in the sun to dry, reducing their humidity content.

riding The dried sap are also roasted to bring out their chocolate flavor. The specific time and temperature of riding can vary to produce different flavor biographies.

Cracking and Winnowing The roasted sap have their external shells cracked and removed, leaving behind the cocoa nibs, which contain cocoa solids and cocoa adulation.

Grinding The cocoa nibs are base into a liquid called chocolate liquor. Despite the name, this substance contains no alcohol; it’s a combination of cocoa solids and cocoa adulation.

Conching The chocolate liquor is farther meliorated in a conche, a machine that mixes and aerates the chocolate for several hours to develop a smoother texture and remove any unwanted flavors.

Tempering The chocolate is also tempered by precisely hotting
and cooling it to specific temperatures. This process ensures that the finished chocolate has a lustrous appearance and a satisfying snap when broken.

Molding The tempered chocolate is poured into molds to produce the asked shape of the final product, whether it’s chocolate bars, delicacies, or other treats.

Cooling and Solidification The moldered chocolate is cooled, allowing it to harden and take its final form.

Packaging Once the chocolate has cooled and solidified, it’s removed from the molds, audited for quality, and packaged for distribution and trade.

Throughout this process, sugar, milk( for milk chocolate), and fresh seasonings can be added to produce the specific Cadbury chocolate product variations. The exact ways and fashions are nearly guarded secrets by Cadbury to maintain the unique taste and quality of their chocolates.

अब चलते चलते आपको बबल वाली कैडबरी का भी प्रोसेस बता दें इसे कैसे शेप देकर तैयार किया जाता है इसका प्रोसेस वैसे तो हमें पता है, लेकिन कैडबरी की कुछ ऐसी पॉलिसीज है जिस वजह से इसके प्रोसेस को सबसे छुपाकर रखा जाता है। लेकिन फिर भी चलिए आपके साथ शेयर कर ही देते हैं। जब चॉकलेट को तैयार किया जाता है तो इसमें गरम पेस्ट में ही बेकिंग सोडा मिला दिया जाता है। जिससे यह बबल की तरह शेप में आ जाती है। लेकिन इसका पूरा प्रोसेस किसी को नहीं पता था जिससे कोई दूसरी कंपनी इसे यूज न कर ले। चलिए अब जानते हैं क्या सच में कैडबरी बनने के बाद इसे टेस्ट किया जाता है। जी हां, फैक्ट्री में चॉकलेट के बनने के बाद इसको टेस्ट के लिए भेजा जाता है।

[sp_easyaccordion id=”421″]

इसको टेस्ट करने के लिए बड़े बड़े चॉकलेट मेकर्स और दुनिया के मशहूर टेस्ट करने वाले को रखा गया है। जो इसके टेस्ट को बहुत ही बारीकी से टेस्ट करते हैं और इसके अलावा कंप्यूटर भी इन चॉकलेट को टेस्ट करता है। कैडबरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब में चॉकलेट को टेस्ट करते हैं और फिर इसे मशीन के द्वारा ब्रेकआउट किया जाता है और ऐसे ही मशीनों से पता लगाकर चेक किया जाता है।

वैसे दोस्तों आपको कौनसी चॉकलेट। सबसे ज्यादा अच्छी लगती। है कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर बताएं। कंटेंट पसंद आया हो तो कंटेंट शेयर जरूर कीजियेगा।  मिलते है ऐसे ही किसी नए और इंटरेस्टिंग कंटेंट के साथ हमारी इसी साइट apnaapnablogs पर तब तक के लिए बाय।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *